अपनी आवाज को दें पहचान – बनें रेडियो जॉकी

RADIO 18

भारत में रेडियो जॉकिंग एक ग्लैमरस और बढ़ने वाला करियर है जिससे आपको नाम,पैसा और फैन फोलोविंग भी मिलती है। लोग आपकी आवाज सुनने का इंतजार करते हैं और आपकी आवाज के दीवाने होते है। एफ एम चैनल्स पर रेडियो जॉकी की मनोरंजक बातें सुनकर एक बार सारा तनाव गायब हो जाता  है। अगर आप भी अपनी आवाज से दुनिया में अपना सिक्का जमाना चाहते है, अपनी आवाज का जादू बिखेरना चाहते है तो ये आपके लिए सही विकल्प है। यहाँ क्रिएटिव और बातूनी स्वभाव बहुत काम आता है।

आजकल युवा वर्ग आरजे यानी रेडियो जॉकी के करियर में अपना कदम रख रहे हैं। रेडियो इंडस्ट्री काफी पुरानी है। आज के समय में कई रेडियो चैनल्स मौजूद हैं, जिन्हें लोग काफी पसन्द करते  है।

एक अच्छा रेडियो जॉकी  बनने के लिए आपको आत्मविश्वासी होने के साथ-साथ आपका उच्चारण साफ और आवाज पर कमांड  होना भी जरुरी होता है। कई लोग रेडियो एफ़ एम सुनते हैं ऐसे में रेडियो पर काम करने वाले लोगों की ये जिम्मेदारी होती है कि वे लोगों के बीच साधारण भाषा और सरल भाषा में अपनी बात पहुचाएं।

पब्लिकेशन और ब्राडकास्टिंग की भाषा में बहुत अंतर होता है अतः हमें ये मान कर चलना होता है की जो न्यूजपेपर पढ़ रहे हैं वो तो पढ़े-लिखे हो सकते हैं पर जो रेडियो पर सुनने वाला व्यक्ति है वो पढ़ा लिखा हो ये जरूरी नहीं। हम ऐसे भारी भरकम शब्दों को बोलने से बचते हैं।  कई बार नए तरीके न सोच पाने के कारण जल्दबाजी में हमें घिसे-पिटे शब्दों, मुहावरों या वाक्यों का सहारा लेना सरल मालूम पड़ता है लेकिन इससे रेडियो की भाषा बेकार और अटपटी लगती है रेडियो की भाषा लक्ष्य नहीं है बल्कि लक्ष्य तक पहुचने का मार्ग है। लक्ष्य है अपनी बात को दूसरों तक पहुँचाना इसलिए रेडियो की भाषा ऐसी होनी चाहिए जो बातचीत की भाषा हो, आपसी संवाद की भाषा हो उसमे गर्माहट हो जैसी मित्रों  के साथ होती है। ये आपको याद रहे की रेडियो न अखबार है न कोई मैगजीन जिन्हें हम बार-बार पढेंगे और न ही आपका प्रसारण दूसरी तरफ बैठा व्यक्ति रिकॉर्ड करके सुनता है। आप जो भी कहेंगे एक ही बार कहेंगे इसलिए रेडियो के लिए लिखते समय हमे ये बात याद रखनी चाहिए की वाक्य छोटे-छोटे, सीधे और सरल हों। कठिन शब्दों से बचना चाहिए साथ ही ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि भाषा आसान जरूर हो लेकिन गलत नहीं होनी चाहिए। रेडियो जॉकी बनने के लिए ना केवल अपने शहर के बारे में जानकारी होनी चाहिए बल्कि एक अच्छे रेडियो जॉकी को देश-विदेश में होने वाली गतिविधियों की भी पूरी जानकारी होनी जरुरी है। जिससे शो को अच्छा और इंर्फोमेटिव बना सकें।

आजकल रेडियो जॉकी के लिए जॉब की कमी नही है क्योंकि मीडिया क्षेत्र में रेडियो जॉकी के लिए कई जॉब मिल जाती हैं.  कुछ समय जॉब करने के बाद आप लाइव शो होस्ट, टेलीविजन शो व फिल्मों आदि में जॉब के लिए भी कोशिश कर सकते हैं

“जब आप कुछ सीखोगे तभी आप कमा पाओगे” कहते है न “EARN WHILE YOU LEARN”

आप जो कार्य कर रहे है जब तक उसकी जानकारी आपको पूरी तरीके से नहीं है तब तक आप कुछ नहीं कर सकते तो सबसे पहले सीखिए फिर उस पर काम करिए आपको सफलता प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता।

आर जे बनने के लिए कोई कोर्स कर सकते है।  दिल्ली एनसीआर का प्रसिद्द इंस्टिट्यूट Radio 18 दशकों से इस क्षेत्र में रूचि रखने वाले स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग दे रहा है  RADIO 18 से प्रशिक्षित कई छात्र आज विभिन्न शहरों में भिन्न-भिन्न रेडियो चैनल्स पर कार्य कर रहे है अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट पर जाएँ- www.radio18.in

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